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Album : Deewana Krishna Naam Ka
Singers :  Chitra Vichitra Ji, Shahni Brothers, Aakrti Choudhary
Lyrics : Baba Shri Rasika Pagal Ji Maharaj


Free Download Chitra Vichitra Ji Latest Bhajan Album :-



10. Ham Hai Tere Deewane Aaja Kisi Bahane - Aakrti Choudhary.mp3

11. Jis Din Se Nihare Mene Sawnriyan - Aakrti Choudhary.mp3

12. Kaha Chup Gaya Tu Kaha Tujhko Dhoondhu - Chitra Vichtra Ji.mp3

13. Kai Janmo Se Bula Rahi Hu - Chitra Vichtra Ji.mp3

14. Kaisi Banshuri Bajayi Re O NANADLAAL - Ashok Shahni.mp3

15. Kinna Sona Nand Ji Ka Lala - Chitra Vichtra Ji.mp3

16. Mayya Karwaide Mero Byah - Aakrti Choudhary.mp3

17. Mene Ratna Lagayi Re Radha Tere Naam Ki - Chitra Vichtra Ji.mp3

18. Menu Kamli Bana Gaya Ni - Ashok Shahni.mp3

19. Mero Man Lagyo Barsane Me - Ashok Shaahni.mp3

20. Mero Radhavallabh Lal Sharan Teri Aayo Ri - Ashok Shahni.mp3

21. Mujhe Chudiya Pahnado Mujhe Ghunghru Pahnado - Chitra Vichtra Ji.mp3

22. O Ranrazva Chunar Meri Rangde - Chitra Vichitra Ji.mp3

23. Rang Daar Gayo Mope Sawnriya - Chitra Vichitra Ji.mp3

24. Rang Daar Gayo Re Sawnriya - Ashok Shahni.mp3

25. Ras Barsaao Saawnriya Jara Jhum Jhum Ke - Ashok Shahni.mp3

26. Tum Ho Kaale Kanheyya Me Gori - Aakrti Choudhary.mp3


मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई।।
जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई।
तात मात भ्रात बंधु आपनो न कोई।।
छांडि दई कुलकी कानि कहा करिहै कोई।
संतन ढिग बैठि बैठि लोकलाज खोई।।
चुनरी के किये टूक ओढ़ लीन्ही लोई।

मोती मूंगे उतार बनमाला पोई।।
अंसुवन जल सीचि सीचि प्रेम बेलि बोई।
अब तो बेल फैल गई आंणद फल होई।।
दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से बिलोई।
माखन जब काढ़ि लियो छाछ पिये कोई।।
भगति देखि राजी हुई जगत देखि रोई।
दासी मीरा लाल गिरधर तारो अब मोही।



Enjoy Latest Bhajans Sung By Shri Chitra Vichitra Ji Maharaj

चरणो से लिपट जाऊँ धूल बनके....
तेरे बंगले में लग जाऊँ फूल बनके...
तेरी भक्ति की खूशबू उडाता रहूँ....
तेरा पल पल में दीदार पाता रहूँ....

Free Download  Chitra Vichitra Ji Maharaj Bhajans :-




Kardo Kripa Ki Ek Nazar Hey Ladli Radhe Hindi Lyrics :-


Kardo Kripa Ki Ek Nazar Hey Ladli Radhe

कर दो कृपा की इक नजर हे लाड़ली राधे,
भटकाओ ना यूँ दर बदर हे लाड़ली राधे.....

किसको कहु में अपना कोई नहीं है मेरा,
मतलब के नाते तोड़े पकड़ा है दामन तेरा....

पल पल में तरसा इस कदर हे लाड़ली राधे,
कर दो कृपा की इक नजर हे लाड़ली राधे.....

हमराही थे जो कल तक देते नही दिखाई,
गैरों से कैसा शिकवा अपनों से चोट खायी.....

तड़पे है दिल दर्दे जिगर हे लाड़ली राधे,
कर दो कृपा की इक नजर हे लाड़ली राधे.....

थक सा गया हूँ लाड़ली मंज़िल मिली नहीं,
पतझड़ सा मेरा जीवन कोई कली खिली नही....

मेरी आके लेना तुम खबर हेे लाड़ली राधे,
कर दो कृपा की इक नजर हे लाड़ली राधे.....

कोई नही है मेरा श्यामा तुम्ही हो मेरी,
जीवन ये बीता जाये अब तुम करो ना देरी...

भटके ना चित्र विचित्र डगर हे लाड़ली राधे,
भटकाओ ना यूँ दर बदर हे लाड़ली राधे.....



Album : Meri Papon Se Bhari Gagariya
Artist : Anup Jalota
Genres : Christian & Gospel, Music, World, Asia
Released : 2005
Label : Universal Music India Pvt. Ltd.

Don't try to be happy...
just be happy...
                             : Gaurav Krishna Ji

Free Download Anup Jalota's Bhajan Albums Here :-


01 - rasna nis din bhaj hari naa.mp3

02 - Jai Ganesh Jai Ganesh.mp3

03 - Tan Ke Tanbure Mein (Live).mp3

04 - Meri Paaponse Bhar Gai Gagariya.mp3

05 - Tere Man Mein Ram.mp3

06 - Koi Gopi Aayi.mp3

07 - woh kala ek bansuri wala (live).mp3


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Tan Ke Tambure Me Do Saanso Ke Taar Bole Hindi Lyrics :-


Tan Ke Tambure Me Do Saanso Ke Taar Bole

तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 

अब तो इस मन के मंदिर में
अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरा, प्रभु का हुआ बसेरा 
अब तो इस मन के मंदिर में प्रभु का हुआ बसेरा 
मगन हुआ मन मेरा छूटा जनम-२ का फेरा, जनम-२ का फेरा 
मन की मुरलिया में ... हो 
मन की मुरलिया में
मन की मुरलिया में सुर का सिंगार बोले  - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 

लगन लगी लीलाधारी से 
लगन लगी लीलाधारी से जगी रे जगमग ज्योति, जगी रे जगमग ज्योति 
लगन लगी लीलाधारी से जगी रे जगमग ज्योति, जगी रे जगमग ज्योति 
राम नाम का हिरा पाया, श्याम नाम का मोती, जगी रे जगमग ज्योति 
प्यासी दो अंखियो में ... हो 
प्यासी दो अंखियो में
प्यासी दो अंखियो में आसुओं की धार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
तन के तम्बूरे में दो
तन के तम्बूरे में दो साँसों के तार बोले - जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 
जय सिया राम-२ जय राधे शाम-२ 



ABOUT BULLEH SHAH:-

                                     Mir Bulleh Shah Qadiri Shatari, often referred to simply as Bulleh Shah (a shortened form of Abdullah Shah) lived in what is today Pakistan. His family was very religious and had a long tradition of association with Sufis. Bulleh Shah’s father was especially known for his learning and devotion to God, raising both Bulleh Shah and his sister in a life of prayer and meditation.

Bulleh Shah himself became a respected scholar, but he longed for true inner realization. Against the objections of his peers, he became a disciple of Inayat Shah, a famous master of the Qadiri Sufi lineage, who ultimately guided his student to deep mystical awakening.

The nature of Bulleh Shah’s realization led to such a profound egolessness and non-concern for social convention that it has been the source of many popular comical stories — calling to mind stories of St. Francis or Ramakrishna. For example, one day Bulleh Shah saw a young woman eagerly waiting for her husband to return home. Seeing how, in her anticipation, she braided her hair, Bulleh Shah deeply identified with the devoted way she prepared herself for her beloved. So Bulleh Shah dressed himself as a woman and braided his own hair, before rushing to see his teacher, Inayat Shah.
Bulleh Shah is considered to be one of the greatest mystic poets of the Punjab region.
His tomb in the Qasur region of Pakistan is greatly revered today.

Listen And Download Kalam of Bulleh Shah :-




बुल्‍ला की काफियां और कलमे पढ़कर लगता है कि वह खुदा को बहुत करीब से जान गए थे. वे एक नेकदिल इंसान थे. उसकी कुछ पंक्तियां मैं यहां प्रस्‍तुत कर रहा हूं. आशा करता हूं कि इन दिनों जो कटुता अल्‍लाह और भगवान के नाम पर फैलाई जा रही है, ये पंक्तियां ऐसी कटुता फैलाने वालों को आईना दिखाएंगी-

इंसान की पहचान इंसानियत
”चल वे बुल्‍लेआ चल ओथे चल्लिए
जित्‍थे सारे अन्‍नेह
ना कोई साडी जात पछाणे
ते ना कोई सानू मन्‍ने”

मतलब- बुल्‍ले शाह ने खुद से कहा है कि ऐ बुल्‍ले चल हम वहां चलते हैं जहां सभी अंधे लोग बसते हों. ताकि ऐसी जगह पर हमें कोई पहचान न सके और न ही कोई हमें माने.

इन पंक्तियों से अगर धर्मांध लोगों का अज्ञान दूर नहीं होता तो ये देखिए-

मस्जिद ढा दे, मंदिर ढा दे
ढा दे जो कुज्‍ह दिसदा
पर किसे दा दिल ना ढावीं
रब दिल्‍लां विच वसदा

मतलब- बुल्‍ले शाह ने भगवान या अल्‍लाह के दिलों में बसने की बात कही है. वे कहते हैं कि मंदिरों और मस्जिदों में कुछ नहीं है. उसे बेशक तुम लोग गिरा दो. उसके अलावा भी जो कुछ नजर आता है उसे भी गिरा दो; लेकिन किसी का दिल ना तोड़ना, क्‍योंकि रब या अल्‍लाह या भगवान तो दिलों में बसता है.

उनकी एक क़ाफी देखें-
पढ़ पढ़ आमिल फाजिल होया
कदी अपणे आप नूं पढेआ ही नहीं
जा जा वड़दा मंदिर मसीतां
कदी मन अपने विच तूं वड़ेआ ही नहीं
ऐवें रोज शैतान दे नाल लड़दा
कदी नफ्ज़ अपने नाल लड़ेआ ई नहीं
बुल्‍ले शाह आसमानीं उडीया फड़दा
जेहड़ा घर बैठा ओहनू फड़ेआ ही नहीं

मतलब- किताबें पढ़-पढ़ कर तुम बहुत विद्वान हो गए हो, कभी अपने आप को तो पढ़ा ही नहीं. तुम बार-बार मंदिरों में मस्जिदों में जाते हो, पर कभी अपने खुद के अंदर नहीं घुसे. कहने तो तुम रोज शैतान से लड़ते हो, कभी खुद के अहंकार से तो लड़े ही नहीं. यहां अहंकार का अर्थ जो पढ़ लिया, जान लिया वही सही है उसके सिवाय न तो कुछ सही है और न सही हो सकता. हे बुल्‍ले शाह तू आसमान की चीजों की बात करता है, क्‍या कभी तून उसकी बात की, जो तेरे अंदर बैठा है. मतलब उस खुदा को तो तूने पकड़ा ही नहीं, जो तुम्‍हारे भीतर है.



Enjoy Gaiya Mayya Ki Aarti And Other Bhajans By Shri Radhakrishnaji Maharaj.. (Jodhpur Wale)

" वाणी से प्रभू का नाम ले, कानो से उनकी लीला सुने,
ऑखो से उनके रूप का दर्शन करे,
जीवन में उनकी प्रसन्नता का कार्य करे बस..........
आप धन्य हो जाएंगे |

Download Shri Radhakrishnaji Maharaj Bhajans :-


1. Govind Bolo Radhe Bolo By Radha Krishna Ji Maharaj.mp3

2. Ek Din Vo Bhole Bhandari By Radha Krishna Ji Maharaj.mp3

3. Aarti Gayya Mayya Ki By Radha Krishna Ji Maharaj.mp3

4. Aao Ji Aao Bholenath O Damroo Wale By Radha Krishna Ji Maharaj.mp3


Gou Mata Ki Aarti Hindi Lyrics :-


AArti Gaiya Ma Ki

आरती  श्री  गैया  मय्या  की ,
आरती  – हरणी  विश्वदायी  की 
!! आरती  श्री  गैया  मय्या  की  !!

अर्थकाम  सद्धर्म  प्रदायिनी 
अविचल  अमल  मुक्तिपदायिनी 
सुर  मानव  सौभाग्यविधायिनी 
प्यारु   पूज्य  नन्द  छैया  की 
!! आरती  श्री  गैया  मय्या  की !!

अखिल  विश्व  प्रतिपालिनी  माता ,
मधूर  अमिया  दुग्धानां  प्रदाता 
रोग  शोक  संकट  परित्राता 
भवसागर  हिट  दृढ  नैया  की 
आरती  श्री  गैया  मय्या  की

आयु  ओज्ज  आरोग्यविकाशिनी 
दुःख  दैन्य  दारिद्रय  विनाशिनी 
सुशमा  सौख्य  समृद्धि  प्रकाशिनि 
विमलविवेक  बुद्धि  दइया  की 
आरती  श्री  गैया  मय्या  की

सेवक  हो  चाहे  दुखदायी  
सैम  पये  –  सुधा  पियावती  मई 
शत्रुः  – मित्र  सबको  सुखदेई ,
स्नेह  स्वाभाव  विश्व  जाया  की 
आरती  श्री  गैया  मय्या  की



Enjoy Brand New Bhajan Album 'Radhe Radhe Kahiye Lagde Nhi Rupiye' By Shri Gaurav Krishna Ji Maharaj...

तुमने देखा है क्या नज़र भर के,
क्यूंकि आईने हो गए है पत्थर के...
ये तुमने केसा जादू डाल दिया प्यारे,
हम तो घर के रहे ना बाहर के....

Download Radhe Radhe Kahiye Lagde Nhi Rupaye Album :-


1. Bhakta Nu Daras Dikhao Aao Aao Banke Bihari.mp3

2. Bihari Ji Ki Nazron Mein Kuch Jaadoo.mp3

3. Kive Mukhde To Nazran Hatava.mp3

4. Radhe Radhe Kahiye Lagde Nhi .mp3

5. Aiso Chatak Matak So Thakur - Mridul And Gaurav ji.mp3

6. Aiso Chatak Matak So Thakur Teeno Lokan Mein Hi Nahi.mp3

7. Bewfa Se Bhi Pyar Hota Hai.mp3

8. Tu Ki Jaane Saawnriya (Sade Naina Ronde Ne).mp3

9. Bhay Prakat Kripala.mp3

10. Buti Hari De Naam Ki.mp3

11. Chitchor Mero Makhan Khaye Gayo Ri.mp3

12. Dar Pe Tumhare Saawnre.mp3

13. Gopal Teri Pooja Hamse Na Bani Re.mp3

14. Hari Ki Katha Sunane Wale Tumko Lakho Prnaam.mp3

15. Jai Jai Govind Govind Gopal Hare.mp3

16. Jisne Hari Gun Gaaye Prabhu Dade Chale Aaye.mp3

17. Kabhi Sadi Gali Bhulke Bhi Aaya Karo.mp3

18. Ki Dum Da Bharosa Yaar Dum Aave Na Aave.mp3

19. Lete Jana Re Prabhu Ka Naam Thoda Thoda.mp3

20. MANGLACHARAN - Gaurav Ji.mp3

21. Mayri Mene Govinda Mol.mp3

22. Mera Sawnra Mujhe Mil Gaya.mp3

23. Mero Man Ho Gaya Lata Pata.mp3

24. mile satguru by gaurav ji.mp3

25. Mohan Se Dil Kyu Lagaya Ye Mein Jaanu Ya Vo Jaane.mp3


Bulle Shah Poetry :- 


मक्का गयां गल मुकदी नाहीं,
 भावें सो सो जुम्मे पढ़ आएं 
गंगा गयां गल मुकदी नाहीं, 
भावें सो सो गोते खाएं

गया गयां गल मुकदी नाहीं, 
भावें सो सो पंड पढ़ आएं 
बुल्ले शाह गल त्यों मुकदी, 
जद "मैं" नु दिलों गवाएँ