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Album : Heart Full of Soul
Singer : Krishna Das
Genres : World, Music, New Age, Relaxation, Religious, Indian
Year : Sep 05, 2008

Free Download Krishna Das New Bhajan Albums :-



2. Devakinandan Gopala.mp3

3. Goddess Prayer.mp3

4. Govinda Hare Gopala Hare.mp3

5. Hanuman Prayer.mp3

6. Jaya Bhagavan (Live).mp3

7. Jaya Jagatambe Ma Durga.mp3

8. Jesus On The Main Line.mp3

9. Om Namah Shivaya.mp3

10. já tenho um novo amor.mp3

11. Radhe Radhe Shyam.mp3

12. Shri Ram Jai Ram Jai Jai Ram.mp3


कण कण में है जो बसा
घट-घट में वो समाहित
फिर क्यों उसे खोजने चला
मुर्ख इंसान होकर लालायित
अग्नि के तेज़ में, वायु प्रबल के प्रवेग में !
चलता फिरत संग -संग वो वक़्त के फेर में !!

नित्य आता रवि रूप में
मिलने किरण बिखराता
इस छोर से, उस छोर तक
सर्वत्र निराली छटा दिखाता
प्रभात के वेश में, और संध्या के भेष में !
समा जाता नित्य ही समुन्द्र काल घेर में !!

थक जाए पथिक डगर में
बन वृक्ष छाया सुख प्रदान करे
प्यास से त्रस्त हो धरा जब
बन बदरी वर्षा से निदान करे
भिन्न -भिन्न रूप में, प्रत्येक परिवेश में !
चलता फिरत संग -संग वो वक़्त के फेर में !!

धरा रूप में, अकाशा स्वरुप में
कही जल प्रपात में हुआ प्रवाहित
रोम – रोम में आभास जिसका
मूर्त-अमूर्त सर्वत्र हो आह्लादित
संध्या मे, निशा में, चन्द्र तारो के भेष में
चलता फिरत संग -संग वो वक़्त के फेर में !!

वृक्ष में, लता में, कन्द, में मूल में,
पौधों में, पुष्प में, फल में फूल में
इस सृष्टि के प्रत्येक अलंकार में
जो बसा तेरे घट,क्यों खोजे संसार में
सुख में भी वो दुःख में भी, प्यार में द्वेष में !
चलता फिरत संग -संग वो वक़्त के फेर में !!


Mridul Gaurav Krishna Ji Bhajan

Main Dekhu Jis Or Sakhi Samne Mere Sawariya
by Shradheya Mridul Krishna Shastri Ji And Shri Gaurav Krshna Ji Maharaj

मन को मेरे मोह गया तू साँवली सूरत सांवरिया रे ,
कानो में रस मिसरी घोले कान्हा तेरी बांसुरिया रे,
होऊं मगन मैं हे मुरलीधर  देख के तेरी लीलाओं को ,
देखूं मैं जिस और सखी री सामने मेरे सांवरिया रे...

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Main Dekhoon Jis Or Sakhi Ri Hindi Lyrics :-


मैं देखूँ जिस ओर सखी री, सामने मेरे साँवरिया 

प्रेम ने जोगन मुझ को बनाया
तन को फूँका, मन को जलाया
प्रेम के दुख में डूब गया दिल जैसे जल में गागरिया  

रो रो कर हर दुःख सहना है
दुःख सह सह कर चूप रहना है
कैसे बताऊँ, कैसे बिछड़ी पी के मुख से बाँसुरियाँ 

दुनिया कहती मुझ को दीवानी
कोई ना समझे प्रेम की बानी
साजन साजन रटते रटते, अब तो हो गयी बाँवरिया